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आंखों के बिना किसी कारà¥à¤¯ को करने में हम असमरà¥à¤¥ हैं। मनà¥à¤·à¥à¤¯ के शरीर में आंखें वह अंग हैं जिसका सबसे अधिक उपयोग किया जाता है। आंखें वह इनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ होती हैं जिससे हम दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ को देख सकते हैं। हमारे शरीर की समसà¥à¤¤ जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥‡à¤¨à¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में आंखें सबसे पà¥à¤°à¤®à¥à¤– जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥‡à¤¨à¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हैं।
वैसे तो पà¥à¤°à¤•ृति ने हमारी आंखों की रकà¥à¤·à¤¾ का पà¥à¤°à¤¬à¤‚ध बहà¥à¤¤ ही कà¥à¤¶à¤²à¤¤à¤¾ से कर रखा है। आंखों की बनावट इस पà¥à¤°à¤•ार की है कि हडिà¥à¤¡à¤¯à¥‹à¤‚ से बने हà¥à¤ कटोरे इनकी रकà¥à¤·à¤¾ करते हैं। आंखो के आगे जो दो पलकें होती हैं वे आंखों में धूल तथा मिटà¥à¤Ÿà¥€ तथा अनà¥à¤¯ चीजों से रकà¥à¤·à¤¾ करती है। आंखों की अनà¥à¤¦à¤°à¥à¤¨à¥€ बनावट à¤à¥€ इस पà¥à¤°à¤•ार की है कि पूरी उमà¥à¤° à¤à¤° आंखें सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रह सकती हैं। सिरà¥à¤« आंखों की अनà¥à¤¦à¤°à¥‚नी रकà¥à¤·à¤¾ के लिठउचित आहार की जरà¥à¤°à¤¤ होती है जिसके फलसà¥à¤µà¤°à¥‚प आंखें सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रह सकती हैं। सà¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की आंखें विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार की होती हैं तथा उनके रंग à¤à¥€ अलग-अलग हो सकते हैं।
आजकल हम सà¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूरी में चीजों को पास से देखना पड़ता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गंदगी, धूल तथा धà¥à¤‚आ इतना बॠगया है कि हमारी आंखें सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ नहीं रह पाती हैं। आंखों की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के लिठपलकें à¤à¥€ होती हैं जो आंखों को हवा, धूल तथा मिटà¥à¤Ÿà¥€ से बचाती हैं। अशà¥à¤°à¥-गà¥à¤°à¤¨à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आंसà¥à¤“ं को आंख से बाहर निकालकर आंखों की धूल मिटà¥à¤Ÿà¥€ साफ कर देती हैं। आंसà¥à¤“ं में लाइसोजाइम नामक à¤à¤¨à¥à¤œà¤¾à¤‡à¤® होता है, जो आंखों के रकà¥à¤·à¤• का काम करता है और आंखों में संकà¥à¤°à¤®à¤£ फैलाने वाले जीवाणà¥à¤“ं से रकà¥à¤·à¤¾ करता है।
à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ -
à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² शरीर की बीमारियों को दूर करने के लिठही नहीं बलà¥à¤•ि तà¥à¤µà¤šà¤¾ à¤à¤‚व बालों के लिठà¤à¥€ फायदेमंद है। à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ कई तरह की बीमारियों में उपचार गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के लिठजाना जाता है। यह आंखों पर बेहद आरामदायक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डालता है। इसमें à¤à¤‚टीमाइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¤² कंपाउंड और à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट à¤à¥€ होते हैं जो आंखों में दरà¥à¤¦ के कारणों का इलाज कर सकते हैं। इसके लिठआप à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ जेल लीजिठऔर दो बड़े चमà¥à¤®à¤š ठंडे पानी में मिला दीजिà¤à¥¤ फिर रà¥à¤ˆ को इसमें à¤à¤¿à¤—ोकर 10 मिनट के लिठपलकों पर रखें। आप इसे दिन में दो बार कर सकते हैं। आंखों को अनूठी शीतलता का अहसास होगा।
गà¥à¤²à¤¾à¤¬ जल -
तवचा की समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर करने के लिठगà¥à¤²à¤¾à¤¬ जल का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना बहà¥à¤¤ ही लाà¤à¤•ारी होता है। यह सà¥à¤•िन को साफ करने के साथ ही अपने à¤à¤‚टी-बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ से संकà¥à¤°à¤®à¤£ à¤à¥€ दूर करता है। जब आंखों में दरà¥à¤¦ और थकावट से राहत चाहिठतो गà¥à¤²à¤¾à¤¬ जल à¤à¤• जाना माना घरेलू उपाय है। आप तà¥à¤°à¤‚त कूल और राहत महसूस करेंगे। इसके लिठआप कॉटन को पानी में डà¥à¤¬à¥‹à¤à¤‚ और इसे 10 से 15 मिनट के लिठबंद पलकों पर रखें। यदि आपको अचà¥à¤›à¥‡ परिणाम चाहिठतो ठंडे गà¥à¤²à¤¾à¤¬ जल पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— में लाà¤à¤‚।
सेब का सिरका -
सेब के सिरके में मौजूद कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, पोसोडियम, टैशियम, कà¥à¤²à¥‹à¤°à¥€à¤¨ तथा आयरन आदि ततà¥à¤µ तà¥à¤µà¤šà¤¾ के पोषण के लिठअति आवशà¥à¤¯à¤• होते हैं। आंखों की देखà¤à¤¾à¤² à¤à¤µà¤‚ घरेलॠनà¥à¤¸à¥à¤–े में सेब का सिरका à¤à¥€ शामिल है। यह उपाय संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण होने वाली आंखों में दरà¥à¤¦ से ततà¥à¤•ाल राहत दे सकता है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहै कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤¸à¥€à¤µà¥€ या सेब का सिरका में मैलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होता है, जो आंखों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाले बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से लड़ने में सहायक होता है। इसके लिठआप दो बड़े चमà¥à¤®à¤š पानी में à¤à¤• बड़ा चमà¥à¤®à¤š सेब का सिरका मिलाà¤à¤‚। फिर इसमें कॉटन बॉल को डà¥à¤¬à¥‹à¤à¤‚ और 10 से 15 मिनट के लिठइसे अपने पलको पर रखें। इसे दिन में à¤à¤• या दो बार जरूर करें।
तिल के 5 ताजे फूल पà¥à¤°à¤¾à¤¤:काल अपà¥à¤°à¥ˆà¤² माह में निगलें। इससे पूरे वरà¥à¤· आंखें नहीं दà¥à¤–ेंगी। मई के महीने में गोरखमà¥à¤‚डी के 5 या 7 ताजे फूल चबाकर पानी के साथ सेवन करने से आंखों की जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿ बढ़ती है। जून में बेलगिरी के बीज की मिंगी शहद में मिलाकर चाटने से जीवनà¤à¤° आंखें नहीं दà¥à¤–ती।
नींबू के रस की à¤à¤• बूंद महीने में à¤à¤• बार आंखों में डालने से कà¤à¥€ आंखें नहीं दà¥à¤–ती। रà¥à¤ˆ के फाहे को ठंडे पानी में à¤à¤¿à¤—ोकर शà¥à¤¦à¥à¤§ घी लगाकर आंखों पर रखने से आंखों के दरà¥à¤¦ में लाठमिलता है। हरी दूब पीसकर उसका रस आंखों के ऊपर लेप करने से आंख का दरà¥à¤¦ मिटता है।
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